इस्लामाबाद: पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता और देश के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि पाकिस्तान को नहीं पता कि मसूद अजहर कहां है, और अगर भारत ठोस सबूत देता है कि वह पाकिस्तान में छिपा है, तो उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
बिलावल ने यह बातें अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने कहा, “भारत ने अब तक कोई पक्के सबूत नहीं दिए हैं। अगर भारत सबूत देता है, तो हम कार्रवाई करेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में भी हो सकता है। भुट्टो ने कहा, “अगर नाटो जैसे संगठन उसे अफगानिस्तान में नहीं पकड़ सके, तो पाकिस्तान से उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद रखना व्यावहारिक नहीं है।”
मसूद अजहर का आतंकी इतिहास
मसूद अजहर एक कुख्यात आतंकवादी है और जैश-ए-मोहम्मद नामक पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन का संस्थापक और प्रमुख है। उसका पूरा नाम मौलाना मसूद अजहर अल्वी है। वह 10 जुलाई 1968 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर में पैदा हुआ था।
मसूद 11 भाई-बहनों में से एक है और उसके पिता सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे। उसने कराची की जामिया उलूम अल-इस्लामिया से पढ़ाई की और बाद में आतंकवाद की राह पकड़ ली।
भारत में मसूद अजहर पर कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिनमें 2019 का पुलवामा हमला भी शामिल है, जिसमें 40 CRPF जवान शहीद हुए थे।
ऑपरेशन सिंदूर और मसूद अजहर का दुख
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था, जिसके तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में मसूद अजहर के 10 परिजन मारे गए थे। बाद में मसूद अजहर का एक ऑडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उसने अपने परिजनों की मौत पर दुख जताया था।
बिलावल भुट्टो का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाक संबंधों में एक बार फिर से तनाव बढ़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर आतंकियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का दबाव लगातार बना हुआ है।